ऋषिकेश बैराज पर त्रिदेव ऊर्जा का 1.2 मेगावाट सोलर पावर प्लांट — AIIMS के पास उत्तराखंड की सबसे बड़ी सोलर उपलब्धि

त्रिदेव ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड ने ऋषिकेश बैराज, AIIMS अस्पताल के पास 1.2 मेगावाट (1200 kW) का कमर्शियल ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित और चालू किया। जानिए इस मेगा सोलर प्रोजेक्ट की पूरी कहानी — ईपीसी प्रक्रिया, बिजली उत्पादन और उत्तराखंड में सोलर के फायदे।

GROUND MOUNTED SOLARGOVT PROJECTS

www.tridevurja.com

8/10/20261 min read

1.2 Kw Govt Project At Pashulok , Near AIIMS , Rishikesh , Uttarakhand
1.2 Kw Govt Project At Pashulok , Near AIIMS , Rishikesh , Uttarakhand

ऋषिकेश बैराज पर त्रिदेव ऊर्जा का 1.2 मेगावाट सोलर पावर प्लांट — AIIMS के पास उत्तराखंड की सबसे बड़ी सोलर उपलब्धि

श्रेणी: ग्राउंड माउंटेड सोलर | कमर्शियल ईपीसी | सरकारी सोलर परियोजनाएं मेटा विवरण: त्रिदेव ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड ने ऋषिकेश बैराज, AIIMS अस्पताल के पास 1.2 मेगावाट का कमर्शियल ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किया। जानिए इस मेगा सोलर प्रोजेक्ट की पूरी कहानी। स्लग: 1-2-mw-solar-power-plant-rishikesh-barrage-aiims

ऋषिकेश बैराज पर रोशन हुआ उत्तराखंड का भविष्य — त्रिदेव ऊर्जा का 1.2 मेगावाट मेगा सोलर प्रोजेक्ट

उत्तराखंड के पावन शहर ऋषिकेश में, जहाँ गंगा की पवित्र धारा बहती है और AIIMS जैसी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा खड़ी है — वहीं अब एक और गौरव का केंद्र बना है। त्रिदेव ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड ने ऋषिकेश बैराज (AIIMS ऋषिकेश के पास) पर 1.2 मेगावाट (1200 किलोवाट) का कमर्शियल ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित और चालू कर दिया है।

यह केवल एक सोलर प्लांट नहीं है — यह उत्तराखंड के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की एक शक्तिशाली मिसाल है।

परियोजना की पूरी जानकारी

जब त्रिदेव ऊर्जा की टीम ने ऋषिकेश बैराज का सर्वेक्षण किया, तब यहाँ केवल एक बंजर भूमि थी — गंगा के किनारे, AIIMS के बिल्कुल पास। आज उसी ज़मीन पर 1200 किलोवाट के सोलर पैनल सूरज की रोशनी को बिजली में बदल रहे हैं।

परियोजना विवरण जानकारी ⚡ स्थापित क्षमता 1.2 मेगावाट (1200 किलोवाट) 📍 स्थान ऋषिकेश बैराज, AIIMS ऋषिकेश के पास, उत्तराखंड 🏗️ परियोजना प्रकार कमर्शियल ग्राउंड-माउंटेड सोलर 👷 ईपीसी पार्टनर त्रिदेव ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड 🏛️ परियोजना श्रेणी सरकारी सोलर योजना 🌿 ऊर्जा प्रकार स्वच्छ / नवीकरणीय ऊर्जा

AIIMS ऋषिकेश के पास यह परियोजना क्यों है खास?

AIIMS ऋषिकेश — उत्तर भारत का प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल। यहाँ रोजाना हजारों मरीज आते हैं, डॉक्टर और स्टाफ काम करते हैं। ऐसी महत्वपूर्ण संस्था के बिल्कुल पास में 1.2 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट होना कई कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है:

१. निरंतर बिजली आपूर्ति अस्पताल और बैराज क्षेत्र में स्थिर बिजली बहुत जरूरी है। सोलर प्लांट से क्षेत्र में स्वच्छ और विश्वसनीय बिजली का उत्पादन होता है।

२. सरकार की हरित ऊर्जा प्रतिबद्धता यह परियोजना दर्शाती है कि उत्तराखंड सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को कितनी गंभीरता से ले रही है। सरकारी सुविधाओं के पास सोलर प्लांट लगाना एक मजबूत संदेश है।

३. गंगा किनारे सोलर — दोहरा पर्यावरणीय लाभ गंगा के किनारे सोलर ऊर्जा उत्पन्न करना — यह पानी और बिजली दोनों के संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण है। न प्रदूषण, न शोर — केवल स्वच्छ ऊर्जा।

४. उत्तराखंड की पहाड़ी भूमि पर इंजीनियरिंग उत्कृष्टता बैराज क्षेत्र की भूमि चुनौतीपूर्ण होती है। त्रिदेव ऊर्जा ने इस चुनौती को स्वीकार किया और पेशेवर निष्पादन के साथ परियोजना पूरी की।

1.2 मेगावाट यानी कितनी बिजली?

आम लोग "मेगावाट" सुनकर भ्रमित हो जाते हैं। सीधे समझाते हैं:

  • 1.2 मेगावाट = 1200 किलोवाट का सोलर प्लांट

  • रोजाना उत्पादन: लगभग 5,400 – 6,000 यूनिट (किलोवाट घंटा) प्रतिदिन

  • महीने में: लगभग 1,62,000 – 1,80,000 यूनिट

  • साल में: लगभग 19 – 21 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली

  • CO₂ में कमी: लगभग 1,500 – 1,600 टन प्रति वर्ष — यानी हजारों पेट्रोल गाड़ियों के बराबर प्रदूषण रोका!

  • एक घर में अगर 300 यूनिट/माह खर्च हो तो — यह प्लांट 540+ घरों की बिजली जरूरत पूरी कर सकता है!

त्रिदेव ऊर्जा की ईपीसी प्रक्रिया — सर्वेक्षण से चालूकरण तक

यह परियोजना केवल सोलर पैनल लगाने का काम नहीं था। त्रिदेव ऊर्जा ने पूरा ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण) निष्पादित किया:

🔍 चरण १: साइट सर्वेक्षण और डिजाइन

  • ऋषिकेश बैराज का विस्तृत साइट सर्वेक्षण

  • सौर विकिरण विश्लेषण — उत्तराखंड में कितनी धूप कितने घंटे मिलती है

  • संरचनात्मक भार गणना — पैनलों की माउंटिंग के लिए जमीन की मजबूती जाँच

  • सिंगल लाइन डायग्राम (SLD) और डीपीआर तैयार किया

📦 चरण २: खरीद

  • टियर-1 प्रमाणित सोलर मॉड्यूल — वारी / अडानी / विक्रम सोलर

  • उच्च दक्षता वाले इनवर्टर

  • माउंटिंग संरचनाएं — हवा और बर्फ के भार के अनुसार इंजीनियर की गई

  • डीसी केबल, एसी पैनल, निगरानी प्रणाली

🏗️ चरण ३: सिविल और विद्युत कार्य

  • नींव कार्य और माउंटिंग संरचना स्थापना

  • 1200 किलोवाट पैनलों की सटीक स्थापना

  • इनवर्टर कक्ष निर्माण

  • ग्रिड कनेक्टिविटी और यूपीसीएल सिंक्रनाइजेशन

⚡ चरण ४: परीक्षण और चालूकरण

  • स्ट्रिंग-स्तरीय परीक्षण

  • प्रदर्शन अनुपात सत्यापन

  • ग्रिड सिंक्रनाइजेशन परीक्षण

  • अंतिम चालूकरण और हस्तांतरण

यह परियोजना त्रिदेव ऊर्जा के लिए क्यों है एक मील का पत्थर?

त्रिदेव ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड 2017 से उत्तराखंड में सोलर ईपीसी कर रही है। आवासीय से वाणिज्यिक, वाणिज्यिक से औद्योगिक — और अब मेगावाट-स्केल सरकारी परियोजनाओं तक का सफर बहुत महत्वपूर्ण है।

ऋषिकेश बैराज 1.2 मेगावाट परियोजना इसलिए खास है क्योंकि:

ऋषिकेश में AIIMS क्षेत्र के पास पहली बड़ी सरकारी सोलर परियोजना

उत्तराखंड में मेगावाट स्केल निष्पादन — इंजीनियरिंग जटिलता और परियोजना प्रबंधन दोनों साबित किए

डीजीसीए प्रमाणित ड्रोन टीम का उपयोग — साइट सर्वेक्षण और चालूकरण में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (MSSY) के दिशानिर्देशों के अनुसार निष्पादित

700+ परियोजनाओं का अनुभव — यही अनुभव इस परियोजना को पेशेवर बनाता है

उत्तराखंड में ग्राउंड-माउंटेड सोलर — क्यों है यह एक स्मार्ट विकल्प?

अगर आपके पास जमीन है — चाहे बंजर हो, कृषि हो, या सरकारी — तो ग्राउंड-माउंटेड सोलर एक उत्कृष्ट निवेश है:

फायदे:

  • ⚡ उच्च उत्पादन दक्षता — खुली जमीन पर ज्यादा धूप मिलती है

  • 💰 मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 50%-55% सब्सिडी मिलती है

  • 🏦 बैंक लोन और ईएमआई सुविधा उपलब्ध

  • 📈 यूपीसीएल को बिजली बेचकर मासिक आय उत्पन्न करें

  • 🌿 खेत में ऊंची संरचना पर सोलर लगाएं — नीचे खेती भी हो सकती है (एग्री-सोलर)

  • 🔒 25 वर्ष की प्रदर्शन वारंटी

उत्तराखंड में कहाँ लग सकता है:

  • बंजर सरकारी जमीन

  • औद्योगिक क्षेत्र

  • कृषि भूमि (ऊंची संरचना के साथ)

  • नहर किनारे और जल निकाय के आसपास

हमारी अन्य मेगा परियोजनाएं

यह पहली नहीं है और आखिरी नहीं होगी। त्रिदेव ऊर्जा की कुछ उल्लेखनीय मेगावाट-स्केल परियोजनाएं:

🏔️ 2.5 मेगावाट — उत्तरकाशी — हिमालयी भूभाग में निष्पादित मेगा प्लांट

🌊 4 मेगावाट — हरिद्वार — औद्योगिक क्षेत्र में उत्तराखंड की एक बड़ी वाणिज्यिक परियोजना

200 किलोवाट — टिहरी गढ़वाल — ऊंची संरचना वाला एग्री-सोलर प्रोजेक्ट, हर्बल खेती के साथ

और अब 1.2 मेगावाट — ऋषिकेश बैराज — AIIMS के पास गंगा किनारे!

आपके लिए क्या अवसर है?

अगर आप भी:

  • 🏘️ आवासीय — अपने घर का बिजली बिल शून्य करना चाहते हैं

  • 🏢 वाणिज्यिक — होटल, कार्यालय, कारखाने की परिचालन लागत कम करनी है

  • 🌾 कृषि — जमीन से अतिरिक्त आय चाहिए

  • 🏛️ सरकारी — हरित ऊर्जा प्रतिबद्धता दिखानी है

तो त्रिदेव ऊर्जा आपके लिए संपूर्ण ईपीसी समाधान तैयार करने के लिए तत्पर है।

पीएम सूर्य घर से ₹85,800 सब्सिडी हो या मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 50-55% — हम पूरी प्रक्रिया संभालते हैं — सर्वेक्षण से सब्सिडी वितरण तक!

संपर्क करें — आज ही!

📞 कॉल / व्हाट्सएप: +91-8910213536

🌐 वेबसाइट: www.tridevurja.com

📍 कार्यालय: देहरादून | ऋषिकेश | हरिद्वार, उत्तराखंड

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त्रिदेव ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड — उत्तराखंड का विश्वसनीय सोलर ईपीसी भागीदार। 2017 से स्वच्छ ऊर्जा की ओर एक कदम और।

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